Thursday, November 9, 2017

मैं कोई ख़ास नहीं, मैं आम हूँ !!

ना रजत की चमक लेकर हु बड़ा हुआ,
ना शानो शौकत की परवाज़ मैं हूँ चड़ा हुआ,
मोहल्ले, गलियों, बाजारों में ही मैं पला बड़ा,
मैं कोई ख़ास नहीं, मै आम हूँ |
उन्ही संघर्षो से गुजरता एक नादान हूँ ||

हाथ मैं ना कोई सफलता लेकर पैदा हुआ,
ना ही वंशजो के धन पर हु निर्भर बैठा हुआ,
पुरजोर मशक्कत करके इस मुकाम पर हु खड़ा हुआ,
मैं कोई ख़ास नहीं, मै आम हूँ |
उन्ही संघर्षो से गुजरता एक नादान हूँ ||

ना मैं कोई बादशाह हूँ, ना मिलकियत का वारिस,
दिलो पर राज करना ही है तमन्ना मेरी,
प्यार और सम्मान की चाहत लिए घूम रहा
मैं कोई ख़ास नहीं, मै आम हूँ |
उन्ही संघर्षो से गुजरता एक नादान हूँ ||

Vaibhav Gadia "Donate Eyes, So one can see the World after you"

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