Wednesday, June 21, 2017

और बंधता जाता ये समां हमेशा !!!

कुछ अनकहे से ख्वाब है,
लेहरो में दिखती आस है
पंछियो का अजब अंदाज़ है
इन हवाओ में कुछ ख़ास है।

बेठके यु किनारे पर
हुआ आज ये एहसास है
जिंदगी यूँ ही, इस नदिया में
तैरने का नाम है

अनगिनत है बूंदों से बना यह समां
हवाओ के झोंको में हे जेसे मस्तिया
शाम भी तो ढल सी रही है
कुछ छुपे है राज यहाँ।

वो पंछी का पानी को चूमना
वो लेहरो का किनारो को चूमना और
वो किनारो पर मेरे पैरो को चूमता पानी।
यही तो है जिंदगी अठखेलियां ।

वो थोडा सा हठ उस युगल का,
जिसमे प्यार भी है तकरार भी
इन झीलो, तालाबो की दुनिया में
किस्से भी है साज भी।

यह हैं पंक्तिया किनारो की,
जिसमे समाहित है सनसनाता जल तलिया का,
हे फिजाएं रमती यहाँ,
और बंधता जाता ये समां हमेशा।
और बंधता जाता ये समां हमेशा।

- वैभव गादिया


Vaibhav Gadia "Donate Blood Save Life"

Tuesday, June 20, 2017

शोक गहरा होगा, दिलों में तूफ़ान सा !!!

मानता हु एक दिन लोग मुझे भूल जायेंगे,
लेकिन मेरी अच्छाइयो को अपने दिल से कैसे मिटा पाएंगे |

काम था तो आये थे, अपना भाई, बेटा, दोस्त बोल अपनाए थे
फिर भूल भी जाए तो क्या शिकवा,
मे उनके जीवन का बन तो पाया  एक हिस्सा |

दिलो में उनके वह स्नेह आज भी है,
मिलते रोज ना सही,
नाम सुनते ही आश्चर्य चकित वे हो जाते हैं |

मन में उमंग की तरंगो से
मेरी यादो में, मेरी बातो में खो से जाते हैं |

यह  मेरा जादू ही तो है और
यही मेरा पुरस्कार भी |

अंत में बस इतना कहना चाहूँगा दोस्तों..

जब जाऊँगा तब देखना,
लाखो को रुलाऊंगा तब देखना,
काफिला भले ही लम्बा ना हो शमशान तक,
लेकिन शोक गहरा होगा, दिलों में तूफ़ान सा....

- दिल की गहराइयों से...वैभव गादिया |